जबलपुरमध्य प्रदेश

खेलो इंडिया बीच गेम्स में मध्य प्रदेश की सेपक टेकरा टीम का चयन, शहडोल में बन रहा खास कैंप

शहडोल:

शहडोल जिला मुख्यालय से लगभग 15 से 16 किलोमीटर दूर है क्षीर सागर. ये एक ऐसी मनोरम जगह है, जहां पर सोन और मुड़ना दो नदियों का संगम स्थल है. वैसे तो ये स्थल लोगों के लिए पिकनिक स्पॉट है, जो पर्यटन का बड़ा केंद्र है, लेकिन पहली बार इस स्थल का इस्तेमाल किसी गेम के लिए भी हुआ है. अभी हाल ही में मुड़ना और सोन नदी के संगम स्थल के किनारे जहां पर रेत का ढेर है, वहां सेपक टकरा बीच गेम्स के लिए मध्य प्रदेश टीम का कैंप लगाया गया था.

खेलो इंडिया बीच गेम्स में एमपी की टीम

7 जनवरी से 10 जनवरी तक खेलो इंडिया बीच गेम्स का आयोजन दमन द्वीप में होने जा रहा है. इस आयोजन को लेकर मध्य प्रदेश भी काफी उत्साहित है, क्योंकि खेलो इंडिया बीच गेम्स के लिए इस बार मध्य प्रदेश की सेपक टकरा टीम ने भी क्वालीफाई कर लिया है. पहली बार ऐसा हो रहा है, जब इस गेम में एमपी की टीम हिस्सा ले रही है. टीम को अपने इस गेम से मेडल जीतने की भी उम्मीद है.

शानदार था कैंप, तैयार है टीम

मध्य प्रदेश सेपक टकरा टीम के कोच रामकिशोर चौरसिया बताते हैं कि "इस बार प्रदेश की टीम ने सेपक टकरा बीच गेम्स के लिए क्वालीफाई किया है. टीम से काफी उम्मीदें भी हैं, 10 दिन से कैंप भी शहडोल के क्षीरसागर में आयोजित किया गया था. यह कैंप शानदार रहा, हमारी टीम पूरी तरह से तैयार हो चुकी है और इस बार हमें मेडल जीतने की पूरी उम्मीद है, क्योंकि हमारी टीम में अनुभव से लेकर युवा जोश सब कुछ शामिल है.

खिलाड़ियों ने कहा जरूर जीतेंगे

शहडोल के क्षीर सागर में कैंप के खत्म हो जाने के बाद जबलपुर के खिलाड़ी यश ठाकुर जो की 10 साल से इस खेल को खेल रहे हैं. जबलपुर के ही आयुष सोनी यह भी करीब 7-8 साल से इस खेल को खेल रहे हैं और इस खेल के माहिर खिलाड़ियों में से एक माने जाते हैं. शहडोल के अभिनव सिंह ये करीब 5 साल से इस खेल में हैं. तीनों खिलाड़ियों का कहना है कि तैयारी बहुत शानदार रही है, सुविधा भी अच्छी मिली है. बीच गेम्स है, तो नदी के किनारे रेत पर बीच का फील लेते हुए 10 दिनों तक प्रैक्टिस किया. उन्हें एक अच्छा माहौल और अनुभव मिला. खिलाड़ी उत्साह से लेवरेज हैं और उन्हें उम्मीद है कि वो जरूर जीतेंगे.

बीच गेम्स इसलिए चुनौती थी

खेल एवं युवा कल्याण विभाग शहडोल के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर अजय सोधिया कहते हैं कि "जब मध्य प्रदेश शासन खेल एवं युवा कल्याण विभाग से उन्हें आदेश मिला कि मध्य प्रदेश बीच सेपक टकरा गेम्स का कैंप शहडोल में लगा है, तो उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि बीच में सेपक टकरा गेम होना है. इसके लिए बीच का माहौल कहां से लाया जाए, क्योंकि यह तो समुद्र के किनारे ही मिल सकता है.

इसके बाद खेल युवा कल्याण विभाग की टीम ने कोशिश की कि शहडोल से लगभग जो 15 से 16 किलोमीटर दूर क्षीर सागर का एरिया है, जहां सोन और मुड़ना नदी का संगम स्थल है. मनोरम और अद्भुत दृश्य भी है, इन दिनों वहां पानी भी काम हो जाता है, रेत का बहुत सारा इलाका नदी के किनारे खाली रहता है. जहां बिल्कुल बीच जैसा ही अनुभव होता है. फील होता है, वहां पर 10 दिन का कैंप लगाने का फैसला किया गया और 10 दिन के कैंप का सफल आयोजन किया गया.

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